बस लिख दीजिए। हिसाब हम कर लेंगे।
दुकान में जो हुआ, लिख दीजिए या बोल दीजिए। DailyKhata उसे छाँटता है, जोड़ता है और आपका खाता रखता है। बिना इंटरनेट भी चलता है।
लिखकर देखिए। या ये आज़माइए:
Nothing yet
एक दिन, शुरू से आख़िर तक।
पर्ची देखिए। हर कदम पर एक लाइन जुड़ती है।
गल्ला गिनिए।
नोट टैप कीजिए। जोड़ अपने आप हो जाता है, और दिन वहीं से शुरू होता है।

माल आया।
बोल दीजिए, या बिल की फ़ोटो खींचिए। डिलीवरी वाले के जाने से पहले बही में चढ़ जाता है।

छोटे खर्चे जुड़ते जाते हैं।
गैस, चाय, ऑटो। बस लिखते जाइए, एक-एक लाइन में या सब साथ में।

“कल दे दूँगा।”
बिल बनाइए, WhatsApp पर भेज दीजिए। जब तक पैसे नहीं आते, वह उनके नाम पर लिखा रहता है।

दिन बंद कीजिए।
गल्ला एक बार और गिनिए। कम हुआ तो पता चल जाएगा कितना।

चाय ४०
बन जाता है Tea · ₹40
जैसे लिखते हैं, वैसे लिखिए।
हिंदी, English, या एक ही लाइन में दोनों। 1,500 या 1.5k या 1500/- — सब चलेगा।
इसमें और भी है: मुनीम के लिए ऐसा लॉगिन जिसमें मुनाफ़ा न दिखे, एक से ज़्यादा दुकानें, CA के लिए Excel, सप्लायर के बिल की फ़ोटो, और हर रात बैकअप।
सवाल
क्या अंग्रेज़ी में ही लिखना पड़ेगा?
नहीं। जैसे रजिस्टर में लिखते हैं वैसे लिखिए: “chai 40”, “bijli bill 1450”, “चाय ४०”, “Verma ne 500 diye”।
इंटरनेट चला जाए तो?
काम चलता रहेगा। सब कुछ पहले आपके फ़ोन में सेव होता है, और नेटवर्क आते ही अपने आप ऊपर चला जाता है।
क्या मेरा हेल्पर मेरा मुनाफ़ा देख सकता है?
तभी, जब आप चाहें। हर किसी का अपना लॉगिन होता है और वह क्या देखे, क्या करे, यह आप तय करते हैं।
क्या यह ऐप है?
यह किसी भी फ़ोन या कंप्यूटर के ब्राउज़र में खुलता है। “Add to Home screen” दबाइए, तो यह ऐप की तरह आपकी दुकान के लोगो के साथ होम स्क्रीन पर रहता है।
मेरे आँकड़े कौन देख सकता है?
सिर्फ़ वही लोग जिन्हें आप अपनी दुकान में जोड़ें। हर दुकान अलग रखी जाती है, और हर रात उसकी एक कॉपी सेव होती है।
दुकान बंद। हिसाब पूरा।
ताला लगाइए, चैन से घर जाइए।